जमशेदपुर: जमशेदपुर में 1 मार्च 2024 से चल रहे कंवाई चालकों के धरने को समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने 30 अक्टूबर को त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन किया है। बैठक में टाटा मोटर्स प्लांट हेड, ट्रांसपोर्टर हेड और कंवाई चालक संगठन के प्रमुख शामिल होंगे। जिला के उप श्रम आयुक्त अरविंद कुमार ने सभी पक्षों को 3:00 बजे उपस्थित होने का पत्र भेजा है।

कंवाई चालक लंबे समय से टाटा मोटर्स के नए भारी वाहनों और उनके चेसिस को पूरे भारत में पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें मजदूरी के रूप में मात्र ₹370 प्रति दिन दिया जाता है। इसके अलावा उनके पास कोई इंश्योरेंस, पीएफ, बोनस या भत्ता नहीं है, और जो भुगतान होता है वह केवल नगद में किया जाता है, बैंक माध्यम से नहीं। यह पूरी तरह श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
कंवाई चालक संगठन ने कई बार टाटा मोटर्स और राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारियों से पत्र और निवेदन किया। जब किसी निर्णय की उम्मीद नहीं बनी, तो उन्होंने धरना दिया और अंततः उच्च न्यायालय रांची की शरण ली। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल श्रम कानूनों को लागू कराना है, कोई अन्य मांग नहीं है।
संगठन के प्रमुख ज्ञान सागर प्रसाद ने कहा कि अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कितनी ईमानदारी से कानून के पक्ष में निर्णय लेता है। बैठक में सभी पक्षों से समाधान निकालने की उम्मीद है ताकि लंबे समय से चल रहे धरने का उचित निष्कर्ष निकल सके।
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