
जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में चल रहे भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर में कृष्ण जन्म की झांकी सजी, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और “जय कन्हैया लाल की” के जयकारे गूंजने लगे। आज कथा वाचक हिमांशु महाराज द्वारा गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग दर्शन का प्रसंग सुनाया गया ।
कथा और झांकी का आकर्षण
कथा वाचक मथुरा निवासी हिमांशु महाराज ने श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि “भगवान मनुष्य योनी में जन्म लेकर हमें सिखाते हैं कि कठिनाइयों के बीच भी सुख और संतोष के साथ जीवन जीया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था, लेकिन वे गोकुल पहुंचे और वहां की लीलाओं से संसार को धर्म और प्रेम का संदेश दिया।
हिमांशु महाराज ने कहा कि थोड़े से धन या सफलता मिलने पर मनुष्य अहंकारी हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। “भगवत स्मरण ही धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्ति का सरल मार्ग है। कर्म दुखदायी लग सकता है, लेकिन बिना कर्म किए सुख भी संभव नहीं। पवित्र उद्देश्य वाला कर्म ही सत्कर्म बनता है।”
भजन और प्रसाद वितरण
कथा के बाद मथुरा से आए संगीतकारों ने महाराज के साथ मिलकर भजन संध्या प्रस्तुत की। लड्डू गोपाल को मिष्ठान और मेवे का भोग लगाया गया तथा श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री और प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं जैसे माखन चुराना, गोपियों संग रास और बांसुरी की मधुर धुन का भी वर्णन हुआ।
यजमान और आयोजन
चौथे दिन के यजमान रहे — हरिशंकर सोंथालिया, प्रकाश सोंथालिया, बनवारी लाल सोंथालिया, बिनोद-रमेश सोंथालिया, श्याम सुंदर-अनिल सोंथालिया। इसके अलावा बाबुलाल सोंथालिया, बजरंग लाल सोंथालिया, मुरारी लाल सोंथालिया, कविता-घनश्याम सेदुका, अजय विजय बांकरेवाल, श्याम सेवा समिति और सागर एंड कंपनी की ओर से प्रसाद का आयोजन किया गया।
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