झाड़ग्राम : रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद संवेदनशील घटना झाड़ग्राम शहर में सामने आई है। हरियाणा के गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति अपनी 85 वर्षीय वृद्ध मां को लेकर झाड़ग्राम आया और कथित तौर पर उन्हें फ्लैट में अकेला छोड़कर कहीं चला गया। हैरानी की बात यह है कि वह कहां गया है और कब लौटेगा, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
उसने जाने से पहले किसी को भी इसकी सूचना नहीं दी।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से 85 वर्षीय वृद्धा फ्लैट में लगभग अकेली और बंद जैसी स्थिति में दिन गुजार रही हैं। वृद्धा सुन भी नहीं सकतीं और स्वयं खाना बनाने की स्थिति में भी नहीं हैं। इस अमानवीय परिस्थिति की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय आवासीय परिसर के लोगों में चिंता और आक्रोश है।
मामले की जानकारी मिलने पर आवासीय परिसर के केयरटेकर से संपर्क किया गया। केयरटेकर ने बताया कि वृद्ध महिला के बेटे ने जाते समय उसे 400 रुपये दिए थे और कहा था कि वह प्रतिदिन रात में वृद्धा के लिए एक पैकेट दूध पहुंचा दिया करे। तब से वह अपनी ओर से वृद्धा को दूध पहुंचा रहा है। हालांकि, बेटे के बारे में उसे भी कोई जानकारी नहीं है और न ही यह पता है कि वह कब वापस आएगा।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि वृद्धा की उम्र अधिक होने के कारण वह अपनी दैनिक जरूरतों को भी ठीक से पूरा करने में असमर्थ हैं। फ्लैट में अकेले रहने के कारण उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आवासीय परिसर के सचिव एवं पेशे से शिक्षक तपन माहाली ने बताया कि उन्हें भी इस मामले की पहले कोई जानकारी नहीं थी। केयरटेकर से पूरी घटना की जानकारी मिलने के बाद वे काफी चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि किसी वृद्ध मां को इस तरह
अकेला छोड़ देना बेहद अमानवीय और निंदनीय है।
माहाली ने बताया कि आवासीय परिसर के लोग अब उस व्यक्ति तक पहुंचने और उसे वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने मीडिया का भी सहारा लिया है, ताकि मामले को सार्वजनिक कर बेटे का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को भी दी जाएगी और वृद्धा की सुरक्षा एवं उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इधर, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाल के दिनों में पारिवारिक और सामाजिक घटनाओं को लेकर जंगलमहल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने की कोशिशों के बीच इस मामले को भी लोग गंभीरता से देख रहे हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गुरुग्राम से झाड़ग्राम आने के बाद मां को इस तरह अकेला छोड़ने के पीछे आखिर क्या कारण है। फिलहाल 85 वर्षीय असहाय मां अपने बेटे की वापसी की प्रतीक्षा कर रही हैं और आवासीय परिसर के लोग उनकी देखभाल तथा बेटे का पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं।



















































