मांगें पूरी नहीं हुईं तो यूरेनियम अयस्क का परिचालन ठप करने की चेतावनी : अशोक दास
जादूगोड़ा : यूसिल के नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा स्थानीय विस्थापितों एवं प्रभावितों की स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार संबंधी समस्याओं की अनदेखी को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को यूसिल स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगार संघर्ष समिति (हितकु) के अध्यक्ष अशोक दास और सचिव अमित कुमार दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट के खान प्रबंधक से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन को 23 सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिनों की मोहलत दी।
समिति की प्रमुख मांगों में वर्षों से बंद पड़ी मेडिकल सुविधा एवं एंबुलेंस सेवा को पुनः शुरू करना, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) खोलना, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा सीएसआर के तहत मुर्गी पालन सहित अन्य स्वरोजगार की व्यवस्था, किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना, हितकु पंचायत के घर-घर में मलेरिया से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराने, सड़कों के किनारे झाड़ियों की कटाई तथा वर्ष 1995 से बंद मजदूरों की बहाली शुरू करने की मांग की गई है।
समिति ने विस्थापितों को यूसिल में स्थायी नौकरी देने, नियोजन में विस्थापित एवं प्रभावितों को प्राथमिकता देने, गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट लगाने तथा हितकु एवं मुर्गाघुटू में पिछले दो वर्षों से निर्माणाधीन अधूरे सामुदायिक भवनों का निर्माण पूरा कराने की भी मांग की है।
अशोक दास और अमित दास ने कहा कि 10 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो यूसिल के यूरेनियम अयस्क समेत सभी वाहनों को क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी यूसिल प्रबंधन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष जालंधर सिंह, प्रेस प्रवक्ता सुशील सिंह, कोषाध्यक्ष नरेंद्र नाथ दास, श्रीनिवास मुखी, शिव कर्माकर, मिलन दास, राजेश सिंह, जितेन हेम्ब्रम और जयंतो दास शामिल थे।
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