खड़गपुर : रेलवे स्टेशन या ट्रेन में गंदगी फैलाना, थूकना, पोस्टर चिपकाना अथवा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अब महंगा पड़ेगा। केंद्र सरकार ने रेलवे परिसरों की स्वच्छता प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। नए नियम के तहत दोषी पाए जाने पर ₹1,000 का दंड देना होगा। दंड नहीं भरने पर मामला सक्षम न्यायालय में पहुंचेगा, जहां ₹2,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारत सरकार ने राजपत्र अधिसूचना संख्या GSR 758 (E), 25 अगस्त 2026 के जरिए भारतीय रेल (रेलवे परिसरों में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए दंड) नियम, 2012 में संशोधन किया है। यह बदलाव जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किया गया है।
संशोधित प्रावधानों के तहत निर्धारित स्थान के अलावा रेलवे परिसर या डिब्बे में कूड़ा फेंकना, खाना पकाना, नहाना, थूकना, मूत्र या मल त्याग करना, जानवरों को चारा देना तथा वाहनों की मरम्मत या धुलाई करना प्रतिबंधित रहेगा। बर्तन-कपड़े धोने, अनधिकृत भंडारण, बिना अनुमति पोस्टर लगाने या कुछ लिखने तथा रेलवे संपत्ति को विरूपित करने पर भी कार्रवाई होगी।
पुराने नियम में अधिकतम ₹500 जुर्माने का प्रावधान था। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है। रेलवे का कहना है कि नए प्रावधानों से स्वच्छता नियमों का पालन और यात्रियों की जिम्मेदारी दोनों मजबूत होंगे।
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