National Unity Day: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर देशभर में सम्मान, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर होगा भव्य परेड

नई दिल्ली: आज पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है, जिन्होंने 562 बिखरी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की नींव रखी। इस वर्ष उनकी 150वीं जयंती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उप-राज्यपाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सरदार पटेल: भारत के लौह पुरुष
आजादी के बाद भारत कई रियासतों में बंटा हुआ था। सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, राजनीतिक कुशलता और दृढ़ नेतृत्व से इन रियासतों का भारत संघ में विलय कराया। उनके प्रयासों से हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी बड़ी रियासतों का एकीकरण संभव हुआ। सरदार पटेल ने “स्टेट्स रीऑर्गनाइजेशन कमेटी” की नींव रखी और देश को मजबूत प्रशासनिक ढांचे में संगठित किया। यही कारण है कि उन्हें ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
2014 से हर साल 31 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान और संगठन “Run for Unity”, निबंध, भाषण, पोस्टर मेकिंग और क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं।
दिन का संदेश है – “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर भव्य समारोह
गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देंगे और सैनिक परेड की सलामी लेंगे। परेड में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टुकड़ियां शामिल रहेंगी।
मुख्य आकर्षण:

बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता और ऊंट पर सवार बैंड
गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता
असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो
महिला अधिकारी नेतृत्व वाली औपचारिक सलामी

परेड में सीआरपीएफ और बीएसएफ के वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में साहस दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी समारोह में इन वीर जवानों से औपचारिक सलामी लेंगे।

राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की 10 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। 900 कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्यों और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से “विविधता में एकता” का संदेश दिया जाएगा।

 

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