Gua : रांजाबुरु खदान में रोजगार और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज, विरोध में 72 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के रांजाबुरु खदान परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 12 गांवों के मुंडा-मानकी एवं ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर गुवा स्थित सेल के जनरल ऑफिस के सामने 72 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस आंदोलन में लगभग 500 ग्रामीण शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि सेल प्रबंधन द्वारा खनन कार्यों के दौरान स्थानीय लोगों की अनदेखी की जा रही है।

उनका कहना है कि क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 13 फरवरी को मुंडा-मानकी की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन किया गया था और 27 फरवरी को थाली-कटोरा बजाकर विरोध जताया गया था। इसके बावजूद 39 दिन बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की। आंदोलनकारियों ने खनन कार्यों से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान पर भी गंभीर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि खदानों से निकलने वाली धूल, मिट्टी और लाल पानी सीधे उनके खेतों में जा रहा है, जिससे उपजाऊ जमीन धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है। इससे किसानों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। इसके साथ ही कारो नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है, जिसे ग्रामीण पीने और घरेलू उपयोग में लाते हैं। इससे ग्रामीणों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 7 अप्रैल को काशियापेचा गांव में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि 15 अप्रैल से 72 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी।

इसी निर्णय के तहत यह आंदोलन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सेल के कार्यों को पूरी तरह ठप करने के लिए चक्का जाम करेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व सारंडा पीढ़ के मानकी सुरेश चाम्पिया कर रहे हैं। उनके साथ मानकी सींगा सुरीन, मुंडा बिरसा सुरीन, मुंडा मांगता सुरीन, लालू चाम्पिया, गोमाई चाम्पिया, सोमा चाम्पिया, जेना बंडिंग, लांगो चाम्पिया, ननिका सुरीन, मसूरी सुरीन और सोमवारी सुरीन सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल हैं।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन और सेल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

इसे भी पढ़ें : Gua : इंटक कार्यालय में बाबा साहेब को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

Spread the love

Related Posts

Gua : गुवा सेल खदान का चक्का जाम आंदोलन दूसरे दिन भी रहा जारी , उत्पादन व परिवहन पूरी तरह प्रभावित

गुवा : गुवा सेल खदान क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा।…

Spread the love

Bahragora : शिक्षा से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य का करें निर्धारण : समीर मोहंती

बहरागोड़ा : मंगलवार को बहरागोड़ा प्रखंड के पाटबेड़ा स्थित मॉडल विद्यालय परिसर में शिक्षा और उत्साह का संगम देखने को मिला, जहाँ 10वीं तथा 12वीं के कला व विज्ञान संकाय…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time