बाबा साहेब आंबेडकर की विचारधारा ही सच्ची शक्ति है : देवेन्द्र नाथ महतो
मुरी : भारत रत्न संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135 वीं जयंती पूरे धूम धाम से मनाई गई। इस अवसर पर राहे चौक में आंबेडकर विचार मंच के तत्वावधान में बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण किया गया। अनावरण की गई, इससे पूर्व गोमदा मोड़ में शहीद भगत सिंह और कॉमरेड खुदीराम मुंडा जी को माल्यार्पण कर संविधान प्रस्तावना पढ़ी गई तथा सद्भावना गीत प्रस्तुत कर राहे चौक तक शोभा यात्रा निकाली गई। राहे में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई है।
मौके पर सभा को संबोधित करते हुए पूर्व कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर दबे-कुचले, शोषित व वंचितों की आवाज थे। उन्होंने बाबा साहेब के समतामूलक समाज के विचार को जन जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।। वहीं जेएलकेएम के केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आज राहे के इतिहास में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई, यह केवल पत्थर की मूर्ति नहीं नहीं बल्कि शिक्षित बनने, संगठित रहने और संघर्ष करने के संकल्प की मूर्ति और मजबूत विचारधारा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में यर रहे मौजूद
मौके पर डॉ प्रमेश्वर लाल, डॉ रतन लाल सिंह मुंडा, डॉ सुभाष मुण्डा, उपप्रमुख उमेश महतो, हुमटा मुखिया द्रोपदी मुंडा, अधिवक्ता रंजित महतो, अनिल महतो, मतवार स्वांसी, लालमोहन महतो, सुफल महतो के अलावा अन्य गण मान्य लोग अपना अपना विचार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन कालीचंद चंद्र भोक्ता और होटलो मुखिया संतोष मुंडा ने किया । कार्यक्रम को सफल बनाने में अमजद अली, उमेश महतो, दामोदर प्रजापति, गणेश मिर्धा, सनातन, शुभम, महेश के अलावा अन्य लोगों का अहम योगदान रहा।
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