जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में शनिवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन ने की.
समय पर जांच और संतुलित जीवनशैली है बचाव का उपाय
सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में उच्च रक्तचाप के लक्षणों, कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह रोग अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है. समय पर पहचान, संतुलित आहार, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इससे बचाव संभव है.
व्यायाम और योग से मिलती है रोग पर नियंत्रण की शक्ति
एसीएमओ ने भी रोग की गंभीरता और उससे जुड़ी जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, योग और मानसिक तनाव में कमी लाकर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखा जा सकता है.
जन-जागरूकता ही है समय पर उपचार की कुंजी
जिला कुष्ठ रोग पदाधिकारी सह एनसीडी सेल के नोडल पदाधिकारी ने अपने वक्तव्य में सार्वजनिक जागरूकता को उच्च रक्तचाप के समय पर उपचार में सबसे प्रभावशाली उपाय बताया. उन्होंने कहा कि जानकारी की कमी के कारण यह रोग अकसर तब पहचान में आता है जब शरीर को पहले ही नुकसान हो चुका होता है.
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर जिला अस्पताल एवं सिविल सर्जन कार्यालय के चिकित्सक तथा स्टाफ भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. संगोष्ठी के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने जागरूकता से जुड़ी जानकारियों को साझा किया और अपने विचार भी व्यक्त किए.
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