पोटका : पालिडीह में आदिम भूमिज ओवर अखाड़ा द्वारा चूहाड़ विद्रोह के महानायक की 235 वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई. वहीं अखाड़ा द्वारा पारंपरिक रीति रिवाज के साथ गंगा नारायण सिंह के प्रतिमा पर पूजा अर्चना के साथ जल, जंगल, जमीन की रक्षा का संकल्प लिया गया. इस अवसर पर अखाड़ा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया . वहीं अखाड़ा के सचिव हिमांशु सरदार एवं अध्यक्ष हरिश्चंद्र सरदार ने कहा कि 1832 – 33 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ चूहाड़ विद्रोह के महानायक वीर गंगा नारायण सिंह द्वारा अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे .
पारंपरिक वेशभूषा के साथ किया गया नृत्य
हिमांशु सरदार ने कहा कि साथ ही साथ अंग्रेजों से जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे, इस वीर की याद में हम सभी आज अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए अपने धरोहर की रक्षा के लिए एवं जल, जंगल,जमीन की सुरक्षा के लिए संकल्प लेते हुए हम सब एक जुटता का परिचय दिए ताकि हमारा जो प्राचीन धरोहर है, उसे बचाए रखेंगे . अखाड़ा द्वारा पारंपरिक वेशभूषा के साथ नृत्य का भी आयोजन किया गया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग उपस्थित हुए इस दौरान सुनील सरदार, प्रगल सरदार,मुकुल सरदार,मिथुन सरदार, सोनाराम सरदार, विश्वनाथ सरदार, सविता सरदार, अंजलि सरदार, शुरूमणि सरदार,संजय सरदार आदि उपस्थित रहे।
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