पोटका : पोटका प्रखंड के सानग्राम पंचायत अंतर्गत देवली गांव में डालसा सचिव राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर महिलाओं के साथ विश्व जल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर लीगल एड क्लिनिक में कार्यरत पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर्स) ने पानी के महत्व और जल के संरक्षण के विषय में विशेष चर्चा की।
जल का महत्व और हमारे जीवन में उसकी भूमिका
कार्यक्रम के दौरान पीएलवी ने बताया कि पानी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। पृथ्वी के तीन हिस्से जल से घिरे हुए हैं, लेकिन एक हिस्सा स्थल का है। इसके बावजूद हमें जल की कमी का सामना करना पड़ता है, कहीं बाढ़ की समस्या है तो कहीं सूखा। इसके कई कारण हैं, जैसे पेड़ों की अفرातफरी से कटाई, वायु प्रदूषण, धुआं और गंदे पानी का निष्कासन। अगर हम अपने दैनिक जीवन में पानी के उपयोग पर नियंत्रण नहीं रखते, तो इसके दुष्प्रभाव हमें और हमारे आने वाले पीढ़ियों को भुगतने होंगे।
जल संकट के संभावित खतरे और उपाय
पीएलवी ने आगे कहा कि जल स्तर निरंतर घट रहा है और अब हमें जल के संकट का सामना करना पड़ रहा है। अगर हम अभी से जल के उपयोग पर ध्यान नहीं देंगे, तो भविष्य में हमें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। यह दिन दूर नहीं जब हमें घरों में पानी खरीदने के लिए पैसे देने होंगे। अतः हमें जल की बचत के लिए अभी से उपाय करना होगा।
जागरूकता अभियान और जल बचत के उपाय
कार्यक्रम में महिलाओं को जल बचाने के कई उपायों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें नल को खुला न छोड़ने, बिना जरूरत के चपाकल को न चलाने, नहाने और कपड़े धोने में पानी का उपयोग आवश्यकता अनुसार करने, मवेशियों को धोने में पानी का कम उपयोग करने जैसी सलाह दी गई। इन उपायों को अपनाकर हम जल संकट पर काबू पा सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की कमी को रोक सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोग
इस कार्यक्रम में जमशेदपुर के पीएलवी जोबा रानी बास्के, रितेश कुमार, सुनीता कुमारी, सीमा देवी और पोटका लीगल एड क्लिनिक के पीएलवी चयन कुमार मंडल, छाकु माझी समेत कई लोग उपस्थित थे।
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