जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला चयन समिति एवं जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (जेबीएवी) के कक्षा 6 से 9 तक की रिक्त सीटों पर नामांकन को लेकर विचार-विमर्श किया गया.
कुल 2594 प्राप्त आवेदनों में से 1032 बालिकाओं का चयन किया गया. चयन में शैक्षणिक रूप से वंचित, विद्यालय छोड़ चुकीं (ड्रॉपआउट), सुदूरवर्ती व दुर्गम क्षेत्रों से आने वाली, आदिम जनजाति की, अनाथ, एकल अभिभावक के संरक्षण में रह रहीं और दिव्यांग बालिकाओं को प्राथमिकता दी गई. यह निर्णय सरकार की “सर्व शिक्षा अभियान” और “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” जैसी नीतियों को सार्थक दिशा देने के उद्देश्य से लिया गया.
बैठक में बागुनहातु क्षेत्र की एक बालिका, जिसे उसके माता-पिता ने त्याग दिया है, का मामला भी सामने लाया गया. उपायुक्त ने तत्काल शिक्षा विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर उसकी फीस माफ की जाए और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए. साथ ही यदि वह सरकारी आवासीय विद्यालय में नामांकन चाहती है तो पास के केजीबीवी या जेबीएवी में उसे शीघ्र दाखिला दिया जाए.
जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से जिले के 15 गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के तहत मान्यता देने का निर्णय लिया गया. यह पहल जिले में शिक्षा की पहुँच और गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाएगी.
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय, एडीपीओ, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और आवासीय विद्यालयों की वार्डेन उपस्थित रहीं.
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: श्रावण की अंतिम सोमवारी पर मनोज तिवारी देंगे संगीतमय प्रस्तुति, जिला प्रशासन भी आमंत्रित