धनबाद: पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत, एमपीएल प्रबंधन द्वारा संविदा मजदूरों की वेतन वृद्धि और अन्य चार सूत्री मांगों को लेकर मजदूरों ने शुक्रवार की सुबह से ही एमपीएल के गेट को जाम कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. मजदूरों का आरोप था कि प्रबंधन उनकी मांगों पर ढुलमुल नीति अपना रहा है और समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है.
प्रबंधन से 8 मार्च को वार्ता का आश्वासन
मजदूरों के प्रदर्शन के बाद, लगभग 12 बजे एमपीएल प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया कि 8 मार्च को एक सकारात्मक वार्ता की जाएगी. यह वार्ता मजदूरों की मांगों को लेकर होगी. जिप सदस्य संजय सिंह और मजदूर नेता श्यामाकांत पांडे ने बताया कि यदि 8 मार्च को वार्ता में सकारात्मक नतीजे नहीं मिलते हैं और प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर गौर नहीं करता, तो 9 मार्च से पुनः एमपीएल के गेट को अनिश्चितकालीन जाम कर दिया जाएगा. इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी एमपीएल प्रबंधन की होगी.
मजदूरों की संघर्षशीलता
संजय सिंह और श्यामाकांत पांडे ने कहा कि मजदूरों का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगों का समाधान नहीं हो जाता. यदि प्रबंधन 8 मार्च तक कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो मजदूरों का गुस्सा और बढ़ेगा और वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे.
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