जमशेदपुर: उपायुक्त अनन्य मित्तल ने योजना शाखा एवं विकास शाखा का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने शाखाओं में कार्यरत मानव बल की उपलब्धता, उपस्थिति की स्थिति और संचिकाओं की अद्यतनता की समीक्षा की. उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू हो. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आगत-निर्गत पंजी, रोकड़ पंजी, संचिकाएं, सीएनसी रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, इंडेक्स रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया. लिपिकों से संचिकाएं मंगवाकर उन्होंने रिकॉर्डों की स्थिति का जायजा लिया. पाई गई कमियों को रेखांकित करते हुए उन्हें अद्यतन करने और सरकारी नियमों के अनुरूप व्यवस्थित ढंग से संधारित करने के निर्देश दिए गए.
योजनाओं की निगरानी और वित्तीय पारदर्शिता पर बल
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि से संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन, व्यय और क्रय की गई सामग्रियों का लेखा-जोखा संचिकाओं और भंडार पंजी में नियमित रूप से दर्ज होना चाहिए. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि वित्त विभाग एवं सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का अक्षरशः पालन हो. सरकार की ओर से जारी महत्त्वपूर्ण संकल्पों व गाइडलाइन को ‘गार्ड फाइल’ में सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया. उपायुक्त ने मानव बल की स्वीकृत संख्या, कार्य विभाजन और कार्यालयीन सफाई व्यवस्था की जानकारी भी मौके पर ली.
कार्यालय संस्कृति में अनुशासन का संदेश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्य अवधि का समुचित उपयोग करते हुए लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया. उन्होंने साफ-सफाई, कार्य कुशलता और दस्तावेजों के नियमित संधारण पर विशेष ज़ोर दिया. मौके पर एडीसी भगीरथ प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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