जमशेदपुर: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ‘माई भारत’ पहल देश भर के युवाओं को सिविल डिफेंस वालंटियर्स के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दे रही है. इस संबंध में नेहरू युवा केंद्र, जमशेदपुर के जिला युवा अधिकारी मोंटू पातर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान युवाओं को आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा में प्रशिक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
संकट की घड़ी में युवाओं की भागीदारी जरूरी
मोंटू पातर के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा उत्तरदायी व प्रशिक्षित स्वयंसेवक बल तैयार करना है जो प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं, सार्वजनिक आपातकालीन स्थितियों या अन्य आपदा की घड़ी में प्रशासन का प्रभावी सहयोग कर सके.
कहां निभाएंगे युवा वालंटियर्स भूमिका?
सिविल डिफेंस वालंटियर्स निम्नलिखित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे –
बचाव और निकासी अभियानों में सहायता
प्राथमिक उपचार और आपातकालीन देखभाल
यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन
सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
पुनर्वास और राहत कार्यों में भागीदारी
समाज को चाहिए जागरूक और प्रशिक्षित युवा
बदलते सुरक्षा परिदृश्य और आपदाओं की आवृत्ति को देखते हुए अब जरूरत है कि समाज के पास एक ऐसा नागरिक बल हो जो तत्काल प्रतिक्रिया दे सके. ‘माई भारत’ इस दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
कैसे बनें सिविल डिफेंस वालंटियर?
युवा स्वयंसेवक https://mybharat.gov.in पोर्टल पर जाकर सिविल डिफेंस वालंटियर के रूप में अपना नामांकन कर सकते हैं. इसमें वे युवा भी आवेदन कर सकते हैं जो पहले से ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक नहीं हैं, लेकिन इस मिशन से जुड़ने की इच्छा रखते हैं.
कौन कर सकता है संपर्क?
इस पहल में भाग लेने या जानकारी प्राप्त करने के लिए युवा नेहरू युवा केंद्र, जमशेदपुर के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. यह पहल न केवल युवाओं को नागरिक उत्तरदायित्व और अनुशासन की भावना से जोड़ती है, बल्कि उन्हें आपात स्थितियों में तुरंत और प्रभावी कार्य करने के लिए आवश्यक जीवनरक्षक प्रशिक्षण भी प्रदान करती है.
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