पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा जिला परिषद सभागार में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य जिला समाज कल्याण कार्यालय द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करना था.
इस बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (पेयजल, भवन, विद्युत विभाग), सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का बिंदुवार अवलोकन
उप विकास आयुक्त ने जिले के 1430 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की. इसमें विद्युत कनेक्शन, भवन की स्थिति, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था, सेविका-सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड और रिक्त पदों से संबंधित बिंदुओं का गहन अवलोकन किया गया.
एक सप्ताह में विद्युत कनेक्शन पूरा करने का निर्देश
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए अगले एक सप्ताह में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी करें.
जहां भवन बनकर तैयार हैं, वहां उनका शीघ्र हस्तांतरण कर केंद्रों का संचालन प्रारंभ कराने का निर्देश भी दिया गया. वहीं, जिन स्थानों पर अभी तक भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हित नहीं हुई है, वहां चिन्हिकरण कर प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया.
पेयजल व शौचालय व्यवस्था पर हुई गंभीर चर्चा
589 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा और 404 केंद्रों में शौचालय निर्माण हेतु जारी कार्य आदेशों की प्रगति की भी समीक्षा की गई. महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देशित किया गया कि भवन, पेयजल और शौचालय से जुड़ी अद्यतन जानकारी पोषण ट्रैकर में अगले सप्ताह भर के भीतर अपडेट की जाए.
सेविका-सहायिकाओं के लिए आयुष्मान कार्ड अनिवार्य
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सेविका-सहायिकाओं का आयुष्मान कार्ड बनाना अनिवार्य है. इसके लिए सभी परियोजना पदाधिकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से समन्वय कर जल्द से जल्द 100% पंजीकरण सुनिश्चित करें.
साथ ही रिक्त पदों के विरुद्ध नए प्रस्ताव तैयार कर जिला कार्यालय को शीघ्र भेजने का भी निर्देश दिया गया.
सभी विभागीय कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
उप विकास आयुक्त ने बैठक के समापन पर सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि समीक्षा में उठे सभी मुद्दों पर एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक प्रगति प्रस्तुत करें. उन्होंने कहा कि जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध रूप से कार्यान्वित करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
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