पश्चिमी सिंहभूम: गुवा अयस्क खान में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर यूनाइटेड मिनरल वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव रमेश गोप ने झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस बीएसएल बोकारो के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) को एक मांग पत्र सौंपा. उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से गुवा खदान क्षेत्र में जारी अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया.
पारा मेडिकल बहाली में पारदर्शिता की कमी
ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में गुवा अस्पताल में पारा मेडिकलकर्मी की नियुक्ति की गई. किंतु इसकी जानकारी गुवा अयस्क खान के प्रबंधक को तक नहीं दी गई. सीटू ने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया की अनदेखी और स्थानीय प्रबंधन की उपेक्षा करार दिया.
उत्पादन में वृद्धि, लेकिन श्रमिकों की बहाली नहीं
रमेश गोप ने कहा कि गुवा अयस्क खान उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. बावजूद इसके श्रमिकों की बहाली उस अनुपात में नहीं की जा रही है. इससे कार्यभार बढ़ रहा है और सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
जर्जर मशीनों से बनी रहती है दुर्घटना की आशंका
ज्ञापन में खदान में प्रयुक्त मशीनों की स्थिति को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई. उन्होंने लिखा कि खदान में चलने वाली मशीनें जैसे शोवेल, डम्पर और डोजर अत्यंत पुरानी व जर्जर हो चुकी हैं. इससे कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, लेकिन सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.
गुवा अस्पताल में दवाइयों की भारी किल्लत
सीटू ने आरोप लगाया कि गुवा अस्पताल में हमेशा दवाइयों की कमी बनी रहती है. इससे खासकर सीएसआर के अंतर्गत आने वाले ग्रामीणों को इलाज में काफी कठिनाई हो रही है. यह स्थिति कंपनी की सामाजिक जवाबदेही के दावे पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है.
ठेका कर्मियों से छीनी गई सुविधाएं
ज्ञापन में बताया गया कि पहले ठेका कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन, क्वार्टर और मेडिकल जैसी सुविधाएं मिलती थीं. लेकिन अब जॉब कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था की आड़ में इन सभी सुविधाओं को समाप्त कर दिया गया है. सीटू ने इसे श्रमिकों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया.
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