नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को प्रोस्टेट कैंसर के आक्रामक और गंभीर रूप का पता चला है। उनके कार्यालय ने रविवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि यह बीमारी उनके शरीर की हड्डी तक फैल चुकी है। पूर्व राष्ट्रपति और उनका परिवार डॉक्टरों के साथ मिलकर इलाज के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
कैंसर का पता कैसे चला?
बीते सप्ताह जब बाइडेन के शरीर में प्रोस्टेट नोड्यूल पाए गए, तब डॉक्टरों ने उनकी जांच की। शुक्रवार को ही उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का आक्रामक रूप मिलने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी पता चला कि कैंसर की कोशिकाएं उनकी हड्डी तक पहुंच चुकी हैं।
बीमारी की गंभीरता और इलाज की संभावना
बाइडेन के कार्यालय ने बताया कि यह बीमारी अधिक आक्रामक स्वरूप की है, लेकिन कैंसर हार्मोन-संवेदनशील है, जिसका मतलब है कि इसे नियंत्रित किया जा सकता है। प्रोस्टेट कैंसर की गंभीरता को ग्लीसन स्कोर के माध्यम से मापा जाता है, जो 1 से 10 तक होता है। जो बाइडेन को ग्लीसन स्कोर 9 मिला है, जो सबसे गंभीर और आक्रामक स्तर माना जाता है।
बाइडेन के स्वास्थ्य पर चिंता
82 वर्ष की उम्र में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी कई बार चिंताएं व्यक्त की गई हैं। इस नई बीमारी की खबर के बाद उनकी सेहत को लेकर और भी ध्यान देने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और शुभकामनाएं
जो बाइडेन को कैंसर होने की खबर के बाद अमेरिका सहित विश्वभर के कई नेता उनके स्वास्थ्य के लिए संवेदनाएं और शुभकामनाएं भेज रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “जो बाइडेन को कैंसर की खबर सुनकर दुःख हुआ है। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।” वहीं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ट्वीट कर कहा, “जो इस समय मेरे और मेरे परिवार की प्रार्थनाओं में हैं। वे एक सच्चे योद्धा हैं और मैं जानती हूं कि वे इस चुनौती का डटकर सामना करेंगे।”
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