स्कूली बच्चे प्यास बुझाने के लिए 300 मीटर दूर जाकर पानी लाने को विवश
जादूगोड़ा : गर्मी के दस्तक के साथ ही मुसावनी प्रखंड अंतर्गत माटीगोंडा पंचायत के कुलामारा गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में पेयजल संकट गहरा गया है। स्कूल के बच्चे गांव में स्थित सोलर जलमीनार से पानी पीते हैं, वह भी कुछ देर चलने के बाद सुख जाता है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रकाश झा ने बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय जोबला में दो चापानल हैं, लेकिन दोनों खराब हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे पढ़ाई छोड़ कर स्कूल से 300 मीटर दूर जाकर अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है।

वहीं बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए भी महिलाएं दूर से पानी लाती हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि हर साल स्कूल के चापानल का जलस्तर नीचे चला जाता है। जलस्तर घटने से स्कूल के दोनों चापानल से पानी निकलना बंद हो जाता है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। ऐसे में स्कूली बच्चों को प्यास बुझाने के लिए कड़ी धूप में 300 मीटर दूर जाना मजबूरी है। बहरहाल देखना यह है कि शिक्षा विभाग कब जागता है व घने जंगलों के बीच बसा जोबला गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विधालय के स्कूलों बच्चों को पेयजल संकट से उन्हें कब राहत मिलती है या आगे भी परेशानी झेलनी पड़ती है।



















































