सरायकेला: नीमडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में आशा और सहिया दीदियों को कुष्ठ उन्मूलन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया. यह कार्यशाला आगामी 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले राष्ट्रीय अभियान की तैयारी के तहत रखी गई, जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में समर्पित किया गया है.
कार्यक्रम का संचालन एलिना बनर और दुर्गा प्रसाद मंडल द्वारा किया गया. दुर्गा प्रसाद मंडल ने जानकारी दी कि यह अभियान केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में विकेन्द्रित, सामुदायिक स्वामित्व वाली और उत्तरदायी स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त नेटवर्क खड़ा करना है.
इस विशेष सत्र में आशा और सहिया कार्यकर्ताओं को कुष्ठ रोग की पहचान, लक्षण, प्रारंभिक उपचार और समुदाय आधारित रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे गांव-गांव जाकर संदिग्ध मामलों की पहचान करें और मरीजों को समय रहते उपचार दिला सकें.
योजना के मूल उद्देश्य
- ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और वहनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना.
- समुदाय की भागीदारी से स्वास्थ्य तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाना.
- कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए ज़मीनी स्तर पर सक्रियता लाना.
कार्यशाला की समाप्ति पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से ना केवल बीमारी की रोकथाम संभव होगी, बल्कि सामाजिक कलंक भी कम होगा. कार्यक्रम में सहभागी सभी आशा/सहिया दीदियों ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.
इसे भी पढ़ें : Chaibasa: क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिता में चमका DAV चिड़िया का सितारा, बटोरे दर्जनों पदक