
देवघर: पूर्व सांसद और भाजपा नेता डॉ. सूरज मंडल ने कहा कि बिहार में दोबारा जंगलराज नहीं लौटे, इसके लिए गांधी और जयप्रकाश नारायण (जेपी) के विचारों के जरिए नेताओं को दिशा देने की जरूरत है। वे रविवार को देवघर के पुरनदाहा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
डॉ. मंडल ने बताया कि हाल ही में पटना राजभवन में आयोजित एक बड़े सेमिनार में वे विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ खान और केरल के राज्यपाल भी मौजूद थे। चर्चा में यह बात सामने आई कि गांधी के बाद जेपी ही थे जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया। मंडल ने कहा, “हम बिहार की राजनीति को उसी विचारधारा की ओर ले जाने का प्रयास करेंगे।”
उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे डुप्लीकेट वोटरों की बात कर रहे हैं, जबकि उनके पिता लालू प्रसाद के शासनकाल में मतगणना में गड़बड़ी और डुप्लीकेट बैलेट का खेल होता था। मंडल ने आरोप लगाया कि लालू परिवार ने पिछड़ों और दलितों के नाम पर वोट तो लिया, लेकिन उनके लिए कोई ठोस काम नहीं किया।
डॉ. मंडल ने भाजपा से भी अपील की कि विधानसभा चुनाव में टिकट उन्हीं कार्यकर्ताओं को मिले जो धरातल पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रमा देवी और सुनील कुमार पिंटू जैसे नेताओं का टिकट काटने से वैश्य समाज नाराज है, लेकिन उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने नीतीश कुमार की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार कर दी गई है, लेकिन झारखंड में अब भी यह केवल 5 हजार है। झारखंड आंदोलनकारियों की राशि भी 3 हजार से बढ़ाकर केवल 3500 की गई है।
डॉ. मंडल ने कहा, “यह रकम तो एक दिन की मजदूरी भी नहीं है। हमारी मांग है कि मध्य प्रदेश की तरह झारखंड में भी जेपी आंदोलनकारियों को 35 हजार की पेंशन और मेडिकल सुविधा मिले।”
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