
जमशेदपुर: जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में शून्यकाल के दौरान विकलांग जनों के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में विकलांग नागरिकों की बड़ी आबादी अब भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर है।
कालिंदी ने सरकार से आग्रह किया कि विकलांग जनों को भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद—में उनके लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग रखी।
विधायक ने कहा कि यह केवल संवेदनशीलता का मुद्दा नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूती और समान अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने सदन से अपील की कि सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय ले और विकलांग नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का रास्ता खोले।
इसे भी पढ़ें : Saraikela: मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर सवाल, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन