सरायकेला: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी उत्सव के अवसर पर सरायकेला के मनोज ने सभी राष्ट्रभक्तों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संघ की यात्रा वर्षों की नहीं, बल्कि युगों की प्रेरणा है।
विजयादशमी उत्सव के दौरान आरएसएस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मनोज ने शस्त्र पूजन और भगवाध्वज को प्रणाम कर राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराता है और देश के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त बनाता है।
मनोज ने कहा कि आरएसएस अपनी स्थापना से ही करोड़ों स्वयंसेवकों में अनुशासन, सेवा भावना और सांस्कृतिक जागरूकता का भाव जगा रहा है।
उन्होंने कहा कि “संघ का उद्देश्य केवल संगठन निर्माण नहीं, बल्कि हर हिंदू जीवन को सार्थक बनाना है।”
मनोज ने बताया कि वे पिछले 41 वर्षों से संघ से जुड़े हैं और निरंतर राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “संघ में अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की भावना ने मुझे जीवनभर प्रेरित किया है।”
कार्यक्रम में आरएसएस के जिला संचालक सत्यनारायण अग्रवाल, गौर गोविंद शाह, अशोक दास, अमरेंद्र साहू समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद थे।
सभी ने मिलकर शताब्दी वर्ष पर संघ के आदर्शों और योगदान को याद किया।
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