Cough Syrup Deaths: कफ सिरप से बच्चों की मौत ने मचाया हड़कंप, 14 मासूमों की गई जान – डॉक्टर गिरफ्तार

छिंदवाड़ा:  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ (Coldrif) के इस्तेमाल से हुई 14 बच्चों की मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। परासिया उपखंड में 7 सितंबर से लगातार बच्चों की मौतें हो रही थीं। जांच में सामने आया कि इस सिरप में जहरीला रसायन डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) मौजूद था, जो किडनी को पूरी तरह नष्ट कर देता है।

डॉक्टर गिरफ्तार, सिरप की बिक्री पर रोक
सरकार ने तत्काल प्रभाव से Coldrif सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। तमिलनाडु सरकार ने भी इसी दवा पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया है।
शनिवार देर रात पुलिस ने डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया, जिन्होंने ज्यादातर मृत बच्चों को यही सिरप लिखी थी। डॉ. सोनी और सिरप बनाने वाली Sresun Pharmaceutical कंपनी के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में दर्ज हुआ है।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा
तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल विभाग की लैब रिपोर्ट में पाया गया कि Coldrif सिरप में 46.2% DEG मौजूद था। यह रसायन आमतौर पर एंटी-फ्रीज और ब्रेक फ्लूड में इस्तेमाल होता है। रिपोर्ट आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने न सिर्फ इस सिरप बल्कि कंपनी की सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी 6 राज्यों में दवा फैक्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है।

Nextro-DS की रिपोर्ट का इंतजार
स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर Nextro-DS नामक एक और कफ सिरप की बिक्री पर भी रोक लगाई है। Coldrif की रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि Nextro-DS की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

कैसे बनी मौत की वजह
सितंबर की शुरुआत में परासिया और आसपास के इलाकों में कई बच्चे सर्दी-खांसी के इलाज के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उन्हें बुखार, उल्टी और पेशाब रुकने जैसी शिकायतें हुईं। जांच में खुलासा हुआ कि सभी को Coldrif सिरप दी गई थी। बायोप्सी और लैब रिपोर्ट में DEG की मौजूदगी के बाद यह साफ हो गया कि जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की मौत हुई। राजस्थान में भी इसी सिरप से 1-2 बच्चों की मौत की खबरें मिली हैं।

जान गंवाने वाले मासूम
इन मासूमों की जिंदगी इस जहरीली दवा ने छीन ली:
दिव्यांश (7 वर्ष), अदनान (5 वर्ष), हेतांश (5 वर्ष), उसैद (4 वर्ष), श्रेया (18 माह), विकास (4 वर्ष), योगिता (5 वर्ष), संध्या (15 माह), चंचलेश और योजिता (2 वर्ष)। इनके अलावा चार और बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है।

अब आगे क्या?
पुलिस ने डॉ. प्रवीण सोनी से पूछताछ शुरू कर दी है। Sresun Pharma की सप्लाई चेन और मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
केंद्र सरकार ने 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप्स पर सख्त चेतावनी जारी की है। NIV, ICMR, CDSCO और AIIMS नागपुर की विशेषज्ञ टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

डॉक्टर निलंबित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर डॉ. प्रवीण सोनी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उन्हें जबलपुर स्वास्थ्य सेवा कार्यालय में अटैच किया गया है।

जनता में डर और गुस्सा
इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


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