नई दिल्ली: दुर्गापूजा, दीपोत्सव, अक्षय नवमी और परिक्रमा जैसे बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराने के बाद अयोध्या पुलिस ने थोड़ी राहत की सांस ली है। लेकिन अब पुलिस-प्रशासन के सामने एक और बड़ी परीक्षा है — 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण कार्यक्रम, जिसमें प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा तैयारियों का रिहर्सल शुरू
कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की कवायद तेज हो गई है। रिहर्सल शुरू हो चुका है और खुफिया एजेंसियों ने अयोध्या में डेरा डाल दिया है। पिछले प्रधानमंत्री दौरों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि इस बार किसी तरह की चूक न हो।
अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
राम मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों की टीमें लगातार निगरानी में हैं। जिन अधिकारियों ने पहले अयोध्या में सेवा दी है, उनसे भी सहयोग लिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस आयोजन को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाए।
एसएसपी बोले – शांतिपूर्ण माहौल हमारी प्राथमिकता
अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि “अब तक सभी धार्मिक आयोजन शांति से संपन्न हुए हैं। ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में महसूस करे।”