पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार 65.08 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जो 2020 के विधानसभा चुनाव (57.29%) से लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। इस बार महिलाओं ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया — महिलाओं के वोट 9.34% और पुरुषों के 7% बढ़े हैं।
मुजफ्फरपुर बना मतदान का सिरमौर
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक मतदान मुजफ्फरपुर में हुआ, जहां 71.41% मतदाताओं ने वोट डाले। यहां 2020 के मुकाबले 13.2 फीसदी की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान पटना जिले में हुआ, जहां 58.40% लोगों ने मतदान किया। हालांकि यह 2020 के 52.34% से अधिक है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में पटना सबसे पीछे रहा।
इन जिलों ने किया मतदान में छलांग
पहले चरण में कई जिलों में वोटिंग प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई। सबसे आगे रहा मुंगेर, जहां 63.23% मतदान हुआ — 2020 के मुकाबले 13.12% की बढ़ोतरी। समस्तीपुर में 71.22% वोटिंग हुई, जो पिछले चुनाव से 12.28% अधिक है। सहरसा में 69.15% मतदान, यानी 11.21% की बढ़ोतरी।
गोपालगंज में 66.58% मतदान (10.22% की वृद्धि) और लखीसराय में 65.05% वोटिंग (10.65% की वृद्धि) दर्ज हुई।
जहां बढ़ोतरी थोड़ी कम रही
कई जिलों में वोटिंग तो बढ़ी, लेकिन 10 फीसदी से कम की दर से।
इनमें प्रमुख हैं —
बक्सर (9.62%), बेगूसराय (9.36%), खगड़िया (9.39%), वैशाली (8.71%),
मधेपुरा (7.57%), शेखपुरा (7.04%), दरभंगा (6.91%),
सीवान (6.81%), नालंदा (6.71%), और भोजपुर (6.70%)।
बढ़े जनभागीदारी के मायने
पहले चरण की वोटिंग में जिस तरह से महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया, उसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता परिवर्तन और भागीदारी दोनों चाहती है।
राज्य में 60% से अधिक मतदान केवल चार बार हुआ है, और इस बार बिहार ने फिर से लोकतांत्रिक उत्सव की मिसाल पेश की है।