पोटका: रंभा कॉलेज ऑफ फार्मेसी और रंभा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से 2 से 6 दिसंबर 2025 तक पुरी और भुवनेश्वर की चार दिवसीय शैक्षणिक यात्रा आयोजित की गई। इस यात्रा में 52 नर्सिंग और फार्मेसी छात्र-छात्राओं के साथ 12 संकाय सदस्य शामिल हुए। यात्रा का मकसद छात्रों को कक्षा से बाहर व्यावहारिक अनुभव, सांस्कृतिक समझ और ऐतिहासिक–पर्यावरणीय ज्ञान से जोड़ना था।
यात्रा के पहले दिन छात्रों ने नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क का भ्रमण किया। यहां उन्होंने विभिन्न वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को करीब से देखा और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझा। इसके बाद समूह ने खंडगिरि और उदयगिरि की प्राचीन गुफाओं का दौरा किया, जिससे ओडिशा की समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक विरासत की जानकारी मिली। इसी क्रम में छात्रों ने अपने पाठ्यक्रम से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए एम्स भुवनेश्वर का भी भ्रमण किया।
दूसरे दिन छात्रों को एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील चिलका ले जाया गया। नाव के जरिए कलिजाई मंदिर तक की यात्रा के दौरान छात्रों ने झील के पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को जाना।
तीसरे दिन समूह ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर का दर्शन किया, जहां छात्रों ने ओडिशा की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से अनुभव किया। इसके बाद सभी ने कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया, जो अपनी अद्भुत स्थापत्य कला और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध है।
यात्रा के अंतिम दिन लिंगराज मंदिर और धौली शांति स्तूप का भ्रमण कराया गया। यहां छात्रों ने सम्राट अशोक के जीवन परिवर्तन और शांति के संदेश से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जाना।
यह शैक्षणिक यात्रा न केवल छात्रों के ज्ञान को समृद्ध करने वाली रही, बल्कि आपसी सहयोग और टीमवर्क को भी मजबूत करने का माध्यम बनी। छात्रों ने इसे यादगार और सीख से भरा अनुभव बताया।
इस शैक्षणिक यात्रा का सफल आयोजन नर्सिंग विभाग की फैकल्टी सदस्य मुनमुन मुक्ता, मोनिशा, नमानी, संध्या और रिया तथा फार्मेसी विभाग से मानस मंडल, दीपिका, समीक्षा, डॉ. दिनेश कुमार और राधेश्याम केसरा के सहयोग से संपन्न हुआ।