जमशेदपुर: पोटका विधानसभा क्षेत्र के पोटका और डुमरिया प्रखंड में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को लेकर विधायक संजीव सरदार ने विधानसभा में रैयतदार किसानों की समस्या को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर सड़कें तो बना दी गईं, लेकिन मुआवज़ा आज तक नहीं मिला।
विधायक ने बताया कि पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल जमशेदपुर द्वारा कई महत्वपूर्ण सड़कों का चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण किया जा रहा है। अधिकतर सड़कें 80 से 90 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं, जिससे इलाके में आवागमन तो बेहतर होगा, लेकिन जिन रैयतदारों की जमीन ली गई, वे अब भी मुआवज़े का इंतजार कर रहे हैं।
शून्यकाल के दौरान विधायक संजीव सरदार ने सदन को बताया कि पोटका अंचलाधिकारी द्वारा भूमि का सत्यापन कार्य पूरा कर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके बावजूद मुआवज़ा भुगतान नहीं होने से किसान और ग्रामीण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अधिग्रहित भूमि का मुआवज़ा तुरंत भुगतान कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
विधायक ने बताया कि नीचे दिए गए मार्गों के निर्माण के लिए कई रैयतदारों की भूमि अधिग्रहित की गई है, लेकिन भुगतान लंबित है—
- पोटका प्रखंड: पिछली से शंकरदा, दामूडीह, पाथरचाकड़ी होते हुए सुंदरनगर–जादूगोड़ा मुख्य पथ से लेकर सावनाडीह (कालिकापुर) तक चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण।
- डुमरिया प्रखंड: भागाबंदी से बेसारपहाड़ी, सालगाडीह, दामूकोचा होते हुए भीतरआमदा, फुलझरी के रास्ते उड़ीसा सीमा तक सड़क निर्माण कार्य।
- पोटका–डुमरिया मार्ग: कोवाली से डुमरिया तक सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण।
विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन किसानों की कीमत पर नहीं। जब जमीन ली गई है तो मुआवज़ा देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में तुरंत निर्णय लेकर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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