जमशेदपुर: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता एवं झारखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि भारत में इंडिगो फ्लाइट कंपनी की मनमानी और पूर्व की सरकारों की गलत नीतियों के कारण हवाई यात्रियों को लगातार परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि हवाई यात्रा के लिए बनाए गए नियम अब केवल कागजों में ही रह गए हैं। पहले ही इंडिगो को लगभग 60% बाजार हिस्सेदारी दे दी गई थी, जिससे यात्रियों को मिलने वाले अधिकारों का लाभ भी सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लगातार सुविधाओं में कटौती और यात्रियों का शोषण हो रहा है।
जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि इंडिगो की हालत इस समय खराब है। यात्रियों को बढ़े हुए किराए चुकाने पड़ रहे हैं और उनकी भरोसेमंदी कमजोर हो रही है। ऑपरेशनल संसाधनों में सुधार नहीं हो पा रहा है। हालांकि, वर्तमान भारत सरकार ने 10% कटौती करते हुए कुछ संतोषजनक कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी पूरे राष्ट्र में हवाई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिगो और टाटा समूह मिलकर भारतीय हवाई क्षेत्र में 90% से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं। कम प्रतिस्पर्धा का मतलब है—ऊंचा किराया, अस्थिर समय सारणी और यात्रियों के अधिकारों की अनदेखी। यह स्थिति न तो प्रतिस्पर्धा के लिए ठीक है और न ही यात्रियों के हित में।
जय प्रकाश पांडेय ने भारत सरकार से मांग की कि वह उड्डयन मंत्रालय के तहत सख्त नियम लागू करे। इसमें शामिल होना चाहिए:
उड़ान रद्द या देर होने पर यात्रियों को अनिवार्य मुआवजा और पेनाल्टी।
टिकट मूल्यों में पारदर्शिता।
उन्होंने कहा कि जब तक भारत सरकार यात्रियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं देगी, एयरलाइंस की मनमानी पर रोक लगाना संभव नहीं होगा। भारत जैसे तेजी से बढ़ते विकासशील राष्ट्र में हवाई यात्रियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।