अहमदाबाद: एसीसी और अदाणी फाउंडेशन ने मिलकर अपने ‘मेरी संगिनी मेरी मार्गदर्शन’ (एमएसएमएम) कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को और बढ़ाया है. यह पहल महिलाओं के नेतृत्व में चल रही है, जिसमें स्थानीय महिला स्वयंसेविकाओं को ‘संगिनी’ के रूप में नामित किया गया है. इन संगिनियों ने ग्रामीण समुदायों तक पहुंच बनाते हुए सरकारी कल्याण योजनाओं, बीमा और वित्तीय योजनाओं का लाभ दिलवाया.
सरकारी योजनाओं से 28,000 लाभार्थियों को जोड़ने में सफलता
इस पहल के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025 तक, 28,000 ग्रामीण लाभार्थियों को 20 से अधिक सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है, जिससे 612 करोड़ रुपये का सामाजिक और आर्थिक लाभ हुआ है. इन योजनाओं के अंतर्गत 3.51 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए, जिससे वित्तीय समावेशन और कल्याण योजनाओं का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचा.
समुदाय में समावेशी विकास और वित्तीय सशक्तिकरण
‘मेरी संगिनी मेरी मार्गदर्शन’ ने सरकारी योजनाओं के लाभ को ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाने के लिए नौकरशाही प्रक्रियाओं को सरल बनाया है. स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, और आजीविका योजनाओं तक पहुंच बढ़ने से घरेलू आय और सामाजिक सुरक्षा में भी सुधार हुआ है. विशेष रूप से, कर्नाटक, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों के समुदायों ने इस कार्यक्रम से लाभ प्राप्त किया है.
महिलाओं के नेतृत्व में समृद्ध भविष्य की ओर कदम
इस पहल के तहत महिलाओं को न केवल सशक्त किया गया, बल्कि उन्हें समुदाय के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिला. एसीसी और अदाणी फाउंडेशन की यह प्रतिबद्धता सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है.
क्या यह पहल ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी?
‘मेरी संगिनी मेरी मार्गदर्शन’ कार्यक्रम ने न केवल सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाया, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए एक मिसाल भी स्थापित कर रहा है.
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