जमशेदपुर: लोक आस्था के महापर्व छठ का पहला अर्घ्य (संध्या अर्घ्य) आज शाम दिया गया। इस अवसर पर दोपहर बाद से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्वर्णरेखा नदी के घाटों की ओर पहुंचने लगे थे। महिलाओं ने पूजा सामग्री से सजे दौरे लेकर पारंपरिक गीतों के बीच घाटों पर पहुंचकर तैयारी शुरू की। जैसे-जैसे सूरज ढलने लगा, घाटों पर भीड़ बढ़ती गई। शहर के गांधी घाट, भुइयांडीह, सोनारी और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर तरफ ‘छठ मइया’ के गीतों और लोकसंगीत की गूंज सुनाई दे रही थी।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हुए थे। जानकारी के अनुसार, कुल 38 घाटों को तैयार किया गया था, जहां 300 से अधिक एनडीआरएफ जवान तैनात थे। स्वर्णरेखा नदी के गांधी घाट पर एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय विशेष टीम लगातार पानी के स्तर और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

जिला पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद रही। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी, गोताखोरों की टीम और आपातकालीन बचाव सामग्री भी उपलब्ध कराई गई थी। नगर निगम ने घाटों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
पूरा शहर छठ के रंग में रंगा दिखा। श्रद्धालुओं में इस महापर्व को लेकर भारी उत्साह है। व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य देने के बाद सोमवार सुबह उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित करेंगी।
इसे भी पढ़ें :
Bahragora: बहरागोड़ा में छठ महापर्व की रही धूम, लोकगीतों से महिलाओं ने बनाया भक्तिपूर्ण माहौल




















































