
जमशेदपुर: जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील की न्यू बार मिल यूनिट में विवेक कंस्ट्रक्शन वेंडर के तहत काम कर रहे मजदूरों ने आज बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग थी – फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में पारदर्शिता, ओवरटाइम का बकाया भुगतान, और श्रमिकों के साथ हो रहे शोषण पर रोक।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के महामंत्री और यूथ इंटक के राष्ट्रीय सचिव राजीव पांडे ने किया। उन्होंने साफ कहा कि अगर मजदूरों को जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा।
चार साल की सेवा, लेकिन भुगतान अधूरा
प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना है कि उन्होंने लगातार 4 साल 4 महीने तक सेवा दी, लेकिन वेंडर का टेंडर समाप्त होते ही उन्हें बहुत कम राशि देकर जबरन फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करा लिया गया। उनका दावा है कि रिपोर्ट के अनुसार उन्हें ₹65,000 या उससे अधिक मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें कम पैसे देकर टरका दिया गया।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्होंने हर महीने औसतन 72 से 75 घंटे ओवरटाइम किया, लेकिन उसका भुगतान डबल रेट पर नहीं किया गया, जैसा नियमों में तय है।
वादाखिलाफी और हस्ताक्षर का खेल
प्रबंधन के कुछ अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं। मजदूरों का कहना है कि अभिषेक राज और सलीम अहमद ने मौखिक आश्वासन देकर गेट पास ट्रांसफर के समय उनसे जबरन हस्ताक्षर करवा लिए, जिससे वे कानूनी रूप से कमजोर स्थिति में आ गए।
राजीव पांडे ने कहा, “मजदूरों की खून-पसीने की कमाई को इस तरह छीना जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम यह मामला जिला श्रम कार्यालय से लेकर राज्य श्रमायुक्त तक ले जाएंगे। दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।”
मजदूरों ने इस मुद्दे को लेकर एक ज्ञापन तैयार कर विभिन्न अधिकारियों को भेजा है। इसकी प्रतियां DLC, श्रमायुक्त, मुख्य नियोजन प्रबंधक (टाटा स्टील), मुख्य कारखाना निरीक्षक और एथिक्स विभाग को सौंपी गई हैं।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने नारे लगाकर चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो विवेक कंस्ट्रक्शन के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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