झाड़ग्राम: झाड़ग्राम जिले के सालतोड़िया और संथालडीहा गांवों में बीती रात जंगल से निकले दंतैल हाथियों ने भारी उत्पात मचाया. अचानक बाजार में घुस आए हाथियों ने कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुँचाया. ग्रामीण भय और अंधकार में पूरी रात सहमे रहे.
अंधेरा बना हाथियों का मददगार
ग्रामीणों के अनुसार, रात को हल्की बारिश शुरू होते ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई. इसके बाद गहरे अंधेरे का लाभ उठाकर हाथी बस्तियों में घुस आए और कई जगहों पर तोड़फोड़ की. बिजली की अनुपस्थिति ने न सिर्फ हाथियों को आसानी से विचरण करने का मौका दिया, बल्कि लोगों को भी किसी प्रकार की चेतावनी या रोकथाम का अवसर नहीं मिल सका.
बिजली विभाग पर नाराज़ ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति अब आम समस्या बन चुकी है. कई बार एक से डेढ़ दिन तक बिजली नहीं रहती. इस कारण इलाके में लगातार हाथियों के आने का डर बना रहता है. दिन तो किसी तरह काट लेते हैं, लेकिन रात में अंधेरे के कारण स्थिति भयावह हो जाती है.
वन विभाग की निष्क्रियता पर भी उठे सवाल
वन विभाग पर भी ग्रामीणों ने नाराज़गी जताई है. उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो हाथियों की निगरानी की कोई पुख्ता व्यवस्था की गई है और न ही जंगल से गांवों की ओर उनके आगमन को रोकने के कोई ठोस उपाय किए गए हैं.
डर के साये में जिंदगी
ग्रामीण अब अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. वे मांग कर रहे हैं कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वन विभाग इलाके में गश्त बढ़ाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.
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