बहरागोड़ा :पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपाड़ा नागुडसाईं में पिछले नौ दिनों से कौतूहल और दहशत का कारण बना शक्तिशाली बम आखिरकार मंगलवार को भारतीय सेना के नियंत्रण में आ गया। लगभग 227 किलोग्राम वजनी इस विशालकाय बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (Diffuse) करने के लिए सेना की विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने परखा स्थल
मंगलवार को भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम घटनास्थल पर पहुँची। विशेषज्ञों ने बम की स्थिति और मारक क्षमता का वैज्ञानिक आकलन किया। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सेना द्वारा पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है।
रेत के बंकरों में कैद होगा धमाका
बम को निष्क्रिय करने के दौरान होने वाले कंपन और मलबे को रोकने के लिए सेना ‘बंकर तकनीक’ का उपयोग कर रही है। बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार खड़ी की गई है और जमीन के अंदर एक विशेष गड्ढा तैयार किया गया है, ताकि विस्फोट का दबाव जमीन के भीतर ही अवशोषित हो सके।
हवाई और जमीनी अलर्ट जारी
ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।बम डिफ्यूज करने के दौरान कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।साथ ही घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इस दौरान क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
नदी में भारी-भरकम बम मिलने से पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र में भय का माहौल था। सेना की सक्रियता और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों को देख स्थानीय ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। विशेषज्ञों के अनुसार, जल्द ही निर्धारित समय पर बम को नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
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