जमशेदपुर : व्यवहार न्यायालय में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकार्ड 318765 केसों का निपटारा किया गया, जिसमें प्रीलिटिगेशन केस 308616 एवं कोर्ट में लंबित केस 10149 शामिल है। जबकि प्रीलिटिगेशन केस और कोर्ट में लंबित केसों के निष्पादन से कुल 81624299 रुपए की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति हुई। केसों के निष्पादन के लिए न्यायिक एवं गैर न्यायिक पदाधिकारियों की कुल 13 बेंचे गठित की गई थी। इससे पहले राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन रांची में झालसा कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं अन्य झारखंड उच्च न्यायाधीशों द्वारा संयुक्त रूप से वर्चुअल किया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर में प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि आज अर्थिक रूप से कमजोर लोंगो को न्याय दिलाने में लोक अदालत एक सशक्त माध्यम बन गया है, आपसी मेल और समझौते से उन्हें सुलभ न्याय मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक न्याय व्यवस्था में लोक अदालत एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है और लोक अदालत भारतीय न्याय प्रणाली की उस पुरानी व्यवस्था को स्थापित करता है जो प्राचीन भारत में प्रचलित थी। इसकी वैधता आधुनिक दिनों में भी प्रासंगिक है । कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरव त्रिपाठी ने किया। वहीं इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में मुख्य रूप से कोर्ट स्टाप, डालसा स्टाफ और पीएलवी (अधिकार मित्र) की सार्थक भूमिका रही।
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