जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड के दर्जनों पंचायतों में जल प्राप्ति योजना के तहत कराये जा रहे जल मीनार का निर्माण इन दिनों बंद है। जिसके कारण गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल उपलब्ध हो अब संभव नहीं है। यह सारा कुछ योजना में कमीशन के खेल के कारण हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार पोटका के दर्जनों गांवों वितीय वर्ष 2026-27 में 15 वें वित्त आयोग की राशि से मुखिया फंड के तहत जल मीनार निर्माण का काम चल रहा है।
संवेदक द्वारा कार्य पूरा किए जाने के बाद भी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जेई द्वारा मुखिया फंड के भुगतान के लिए पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण जादूगोड़ा के धोबनी गांव, समेत पूर्वी हल्दीपोखर, रसुनचोपा समेत दर्जनों पंचायतों में जल मीनार का कार्य ठप पड़ गया है। संवेदक ने कार्य अधूरा छोड़कर हाथ खड़े कर लिए हैं। वहीं 15 वें वित्त आयोग के मुखिया फंड का उपयोग नहीं होने से राशि खर्च नहीं हो पा रही है।
इस बाबत स्थानीय कई मुखिया न अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मुखिया फंड में चार साल बाद राशि पहुंची है। जिसका उपयोग वर्ष 2026-2027 में गर्मी के मद्देनजर गांव में जल मीनार निर्माण कराकर राशि खर्च की जा रही है, लेकिन पोटका प्रखंड कार्यालय से लेकर जेई, जनप्रतिनिधि तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कमीशन के खेल में पेमेट स्वीकृति का आदेश पत्र नहीं जारी किया जा रहा है।
जिसकी वजह से मुखिया फंड की राशि खर्च नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर पोटका बीडीओ अरुण कुमार मुंडा ने प्रखंड के 20 पंचायत सचिवों को योजना मद में शून्य खर्च पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए कहा गया है। संतोषजनकर जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिन पंचायतों के सचिव को नोटिस जारि किया गया है, उसमें भाटीन, हड़तोपा, डोमजूडी, चाकडी, चांदपुर, धीरौल, गंगाडीह, पूर्वी हल्दीपोखर, हेसल, आमदा, हेसल बिल, हेसड़ा, जामदा, कालिकापुर, मानपुर, पोटका, रसुनचोपा, शंकरदा, सोहदा, तेतला एवं तेतलापोडा को कारण बताओ नोटिस भेजा है। उनसे इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
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