बहरागोड़ा : भीषण उमस के बीच मंगलवार शाम मौसम का मिजाज बदलना बहरागोड़ा और बरसोल के किसानों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। आसमान में छाये काले बादलों और तेज आंधी के साथ हुई 85.2 एमएम की मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं खेतों में खड़ी और कटी हुई धान की फसल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने भारी बारिश की पुष्टि करते हुए बताया कि लगभग 50 एकड़ में लगी गरमा धान की लहलहाती फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दर्जनों किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसानों ने इस प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के लिए मुआवजे की गुहार लगाई है, जिस पर विभाग ने बीमा क्लेम की प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया है। इस तबाही का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा; आंधी के कारण दर्जनों बिजली इंसुलेटर फटने और तार गिरने से क्षेत्र में बिजली विभाग के कर्मी युद्धस्तर पर बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिशों में जुटे हैं।
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