नई दिल्ली: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए डिफेंस डील पर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परमाणु तकनीक ट्रांसफर से लेकर भारत-पाक जंग और इजरायल के खतरे तक चर्चाएं तेज हैं। इस बीच पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो सऊदी अरब भी पाकिस्तान की तरफ से इसमें शामिल होगा।
शुक्रवार (19 सितंबर) को पत्रकारों से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा, “अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है तो सऊदी अरब हमारी रक्षा करेगा। इसमें कोई शक नहीं।” उन्होंने इस समझौते को NATO के अनुच्छेद 5 की तरह बताया, जिसके तहत किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है। आसिफ ने साफ किया कि यह समझौता “रक्षात्मक” है, आक्रामक नहीं।
पाक रक्षामंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान की परमाणु क्षमताएं भी सऊदी अरब को उपलब्ध होंगी। हालांकि पाकिस्तान की आधिकारिक नीति कहती है कि परमाणु हथियार सिर्फ भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है और परमाणु प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की अनुमति दी है।
सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह समझौता व्यापक है और इसमें सभी सैन्य साधन शामिल हैं। शर्त यह है कि अगर किसी एक देश पर हमला होगा तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह पैक्ट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के हालिया रियाद दौरे के दौरान साइन किया गया।
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