रांची: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित अपने पैतृक गांव कोदाईबांक में परंपरागत तरीके से खेत में उतरकर धान की रोपाई की. घुटनों तक पानी में खड़े होकर उन्होंने जिस सहजता से यह कार्य किया, उसने राजनीति से परे एक संवेदनशील ग्रामीण व्यक्तित्व को सामने लाकर रख दिया.
बाबूलाल मरांडी ने इस अवसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा –
“खेती करना मेरे लिए केवल एक कार्य नहीं है, यह आत्मिक संतोष और मिट्टी से गहरे जुड़ाव का अनुभव है. यह न केवल हमें आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि जीवन में विनम्रता और स्थायित्व की शिक्षा भी देता है.”
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