देवघर: श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी को परखने हेतु देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर अग्निशमन विभाग द्वारा मॉक ड्रिल किया गया.
कहां-कहां चला अभ्यास?
यह अभ्यास बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, बाघमारा बस स्टैंड, शिवलोक परिसर, बीएड कॉलेज होल्डिंग प्वाइंट, नेहरू पार्क और कोठिया स्थित टेंट सिटी जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर किया गया. इस दौरान यह देखा गया कि आग लगने की स्थिति में यंत्र कितनी तेजी और प्रभावशीलता से कार्य करते हैं.
क्या दी गई जानकारी?
मॉक ड्रिल के दौरान दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों की प्राकृतिक समझ और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया. उन्हें सिखाया गया कि किस प्रकार आग लगने की स्थिति में यंत्रों का प्रयोग कर आग को नियंत्रित किया जा सकता है. साथ ही आग में फंसे लोगों को निकालने की विधि और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई.
दुकानदारों को भी किया गया सतर्क
बाबा मंदिर प्रांगण एवं आसपास के दुकानदारों को यह जानकारी दी गई कि यदि मेला मार्ग में अग्निशमन वाहन आता है तो उसे प्राथमिकता से रास्ता देना अनिवार्य है. समय पर वाहन पहुंचने से जान-माल की बड़ी हानि रोकी जा सकती है.
इस मॉक ड्रिल ने न केवल कर्मचारियों की तैयारियों को मजबूत किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि राज्य प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है. मेला क्षेत्र की भीड़ और संरचना को ध्यान में रखते हुए इस तरह की पहल सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करती है.
इसे भी पढ़ें : Deoghar: सावन का छठा दिन – कांवरियों की संख्या में दिखी गिरावट, शनिवार से बढ़ेगी भीड़
There is no ads to display, Please add some



















































