
सरायकेला: सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) यानी एसयूसीआई(सी) चांडिल अनुमंडल कमिटी ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को तत्काल रद्द करने की मांग की। इसको लेकर उन्होंने चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
कमेटी सचिव अनंत कुमार महतो ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा लागू की गई यह प्रक्रिया कई खामियों और त्रुटियों से भरी हुई है। इसके कारण लाखों योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा है। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशों के मुताबिक अलग-अलग जन्म वर्षों के हिसाब से लोगों को अपने माता-पिता की जन्म तिथि और जन्म स्थान तक साबित करना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड और यहां तक कि मतदाता पहचान पत्र को भी प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
कमेटी का कहना है कि यह नियम उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है, जिनके पास न नौकरी का कोई प्रमाण है, न पेंशन आदेश, न बैंक या डाकघर खाते और न ही जन्म प्रमाण पत्र। बड़ी संख्या में आदिवासी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े गरीब अशिक्षित लोग इससे प्रभावित होंगे।
महतो ने कहा कि अगर यह प्रक्रिया जारी रही तो बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे, जो लोकतंत्र की बुनियाद पर सीधा हमला है।
कमेटी ने राष्ट्रपति से अपील की कि इस पुनरीक्षण को रद्द किया जाए और इसके स्थान पर एक पारदर्शी प्रक्रिया लागू हो, जिसमें हर नागरिक को पर्याप्त समय और मौका मिले ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनंत कुमार महतो, आशुदेव महतो, हराधन महतो, धीरेन गौड़, विशेश्वर महतो, युधिष्ठिर प्रमाणिक, उदय तंतुबाई, भुजोंग मछुआ, राजा प्रमाणिक और चिंकि तंतुबाई मौजूद थे।
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