पोटका : हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ अब चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसकी घोषणा जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल, मुखिया देवी कुमारी भूमिज सहित अन्य नेताओं ने बुधवार को हाता में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान की।
नेताओं ने कहा कि हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन में वर्ष 2022 से साइडिंग का संचालन शुरू हुआ है। यहां लौह अयस्क, कोयला सहित विभिन्न खनिजों की लोडिंग-अनलोडिंग प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के माध्यम से की जाती है। इसके कारण क्षेत्र में धूल और प्रदूषण की समस्या बढ़ गई है। हल्दीपोखर, नुआग्राम, रोलाघुटू और गंगाडीह के ग्रामीण इससे प्रभावित हो रहे हैं। आसपास संचालित चार बड़े स्कूलों के छात्र-छात्राओं पर भी प्रदूषण का असर पड़ने की बात कही गई।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर स्टेशन मास्टर, रेलवे के डीआरएम चक्रधरपुर, जीएम कोलकाता, उपायुक्त तथा प्रदूषण नियंत्रण विभाग रांची और आदित्यपुर को लिखित मांगपत्र सौंपा जा चुका है। मामला एनजीटी दिल्ली के समक्ष भी रखा गया है। नेताओं का आरोप है कि शिकायत के बाद विभागीय टीमें जांच करने पहुंचती हैं, लेकिन जांच के बाद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं को भी सूचना नहीं दी जाती है।
नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों को प्रदूषण से हो रहे नुकसान को देखते हुए अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में 12 सितंबर से हजारों ग्रामीणों के हस्ताक्षर जुटाने का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके बाद धरना-प्रदर्शन समेत अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण पर शीघ्र रोक लगाना और ग्रामीणों को प्रदूषण से राहत दिलाना है। प्रेसवार्ता में समाजसेवी कृष्णा गोप, भाजपा नेता मनोज राम, गणेश सरदार, मनोज सरदार और प्रकाश सरदार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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