पोटक: वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की 235वीं जयंती के अवसर पर आदिवासी भूमिज युवा मंच और गंगा नारायण सिंह मेमोरियल सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में एक विशाल मोटरसाइकिल जुलूस निकाला गया. यह ऐतिहासिक रैली ढेंगाम से शुरू होकर खाड़ियासाई तक गई, जिसमें हजारों भूमिज युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने 50 किलोमीटर की दूरी तय की. चिलचिलाती धूप और गर्मी भी उनकी प्रतिबद्धता को डिगा नहीं सकी.
विधायक संजीव सरदार ने की अगुवाई
इस आयोजन के उद्घाटनकर्ता एवं मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार थे, जो पूरे जुलूस में मोटरसाइकिल पर सवार होकर युवाओं के साथ चले. उन्होंने कहा कि गंगा नारायण सिंह एक अप्रतिम भूमिज वीर थे, जिन्होंने 1832-33 में अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष कर इतिहास रच दिया. उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और परंपराओं को बचाए रखने के लिए संगठित रहें.
सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संकल्प की मिसाल
विधायक ने जोर देकर कहा कि समाज को जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सदैव सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचनाओं को सुदृढ़ करने की बात कही. बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि समाज की गौरवशाली संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.
विशिष्ट अतिथियों और समाज के बुद्धिजीवियों की उपस्थिति
इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के ट्राइबल आइडेंटिटी मैनेजर शिवशंकर कांडेयोंग, भूमिज समाज के जानकार सिद्धेश्वर सरदार, हरिशचंद्र सिंह भूमिज, मुखिया मिरू सरदार, मुखिया संगीता सरदार, सुधीर सोरेन समेत कई विशिष्टजन उपस्थित थे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे रहे समाजसेवी
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मनोरंजन सरदार, संजय सरदार, भरत सरदार, दीपक सरदार, परमेश्वर सरदार, चंका सरदार, भुवनेश्वर सरदार, शिव शंकर सरदार, शत्रुघ्न सरदार, बीरेन सरदार, निर्मल सरदार, बिहारीलाल सरदार, भृगुराम सरदार सहित सैकड़ों युवाओं का योगदान सराहनीय रहा.
एकजुटता की मिसाल बनी यह रैली
यह आयोजन न केवल ऐतिहासिक स्मृति को जीवित करने का प्रयास था, बल्कि सामाजिक चेतना, पर्यावरणीय संरक्षण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में भी एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.
इसे भी पढ़ें :




















































