
जमशेदपुर: साकची गुरुद्वारा साहिब के प्रधान निशान सिंह ने शनिवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि साकची गुरुद्वारा के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और प्रबंधन को पंथक आयोजनों से जानबूझकर अलग रखा जा रहा है।
निशान सिंह ने बताया कि इस साल गुरु तेग बहादुर साहिब जी और भाई मती दास, भाई सती दास व भाई दियाला जी की 350वीं शहादत स्मृति पर आयोजित दो दिवसीय शहीदी नगर कीर्तन से साकची गुरुद्वारा कमिटी को पूरी तरह अलग कर दिया गया। जबकि, पूरे कोल्हान में साकची गुरुद्वारा को ‘सेंट्रल गुरुद्वारा’ के नाम से जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि आयोजन से कुछ दिन पहले सीजीपीसी ने सभी गुरुद्वारों के प्रधान और महासचिवों की बैठक बुलाई थी, लेकिन साकची गुरुद्वारा प्रबंधन को उसमें आमंत्रित तक नहीं किया गया।
प्रधान निशान सिंह ने कहा, “इतिहास गवाह है कि जब भी बड़ा पंथक आयोजन हुआ है, साकची गुरुद्वारा ही हमेशा केंद्र रहा है। लेकिन इस बार द्वेष की भावना से न तो कोई संवाद हुआ और न ही जागृति यात्रा के रात्रि विश्राम की व्यवस्था यहाँ की गई। यह सीजीपीसी की संकीर्ण मानसिकता दिखाता है।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि व्यक्तिगत या वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक आयोजनों और पंथक कार्यक्रमों पर संवाद बनाए रखना जरूरी है। “अगर आपसी संवाद और सहयोग की परंपरा कायम रहेगी तो न सिर्फ सिख समाज में बल्कि दूसरे समुदायों के बीच भी भाईचारे का संदेश जाएगा।”
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