
बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड के मानुषमुड़िया स्थित स्वामी निगमानंद आश्रम में शनिवार को रक्षाबंधन के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। सुबह बनिपाठ, आरती और पूजा-पाठ के बाद शिव चैतन्य महाराज ने स्वामी निगमानंद के जीवन और शिक्षाओं पर प्रवचन दिया।
शिव चैतन्य महाराज ने बताया कि स्वामी निगमानंद भारत के महान सन्यासी और सद्गुरु थे, जिन्हें उनके शिष्यों द्वारा आदरपूर्वक “श्री श्री ठाकुर” कहा जाता है। उन्होंने तंत्र, ज्ञान, योग और प्रेम (भक्ति) जैसी चारों साधनाओं में सिद्धि प्राप्त की थी, साथ ही कठिन समाधियों, जैसे निर्विकल्प समाधि, का अनुभव भी किया था। भारत की इस पवित्र भूमि को स्वामी रामकृष्ण परमहंस, स्वामी योगानंद परमहंस और रमण महर्षि जैसे महात्माओं ने गौरवान्वित किया है, और स्वामी निगमानंद भी उसी श्रृंखला के एक महान संत थे। एक सामान्य गृहस्थ से सिद्ध योगी बनने की उनकी जीवन यात्रा प्रेरणादायक रही है।
दोपहर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में मुखिया राम मुर्मू, विभागीय सदस्य हिमाद्री भोल, शिवराम आचार्य, पीयूष प्रधान, आनंद भोल, शिव शंकर साधु, प्रदीप दत्ता, सपन बंध सहित कई लोग मौजूद थे।
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