सरायकेला: सरायकेला जिले के कुचाई प्रखंड में कल ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा. इस शिविर का उद्देश्य स्थानीय जनजातीय समुदाय को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इन योजनाओं से सीधे जोड़ना है. इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए आईटीडीए के परियोजना निदेशक आशीष अग्रवाल ने बताया कि इसका मूल उद्देश्य जनजातीय समुदाय की सामाजिक पहचान को सुदृढ़ करना है. विशेष रूप से अत्यंत कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिन तक सरकारी लाभ अक्सर नहीं पहुंच पाते हैं.
15 जून से जिले भर में लगेंगे शिविर
परियोजना निदेशक ने बताया कि यह अभियान 15 जून से 30 जून 2025 तक जिले के सभी प्रखंडों के पंचायत स्तर पर चलाया जाएगा. प्रत्येक शिविर में लोगों को निम्नलिखित सुविधाएं दी जाएंगी:
आधार कार्ड से संबंधित सेवाएं
राशन कार्ड निर्माण व सुधार
स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी
शिक्षा से जुड़ी लाभकारी योजनाएं
बैंकिंग सेवाएं व जनधन योजना
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं (पेंशन, बीमा आदि)
कृषि संबंधित योजनाएं और सलाह
योजना से क्या बदलेगा?
अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सुनियोजित प्रयास है. इसका लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभुकों को उनके हक की योजनाएं समय पर और सरल रूप से मिलें. कुचाई से शुरू हो रहे इस अभियान से जनजातीय जागरूकता और सशक्तिकरण की एक नई लहर चलने की उम्मीद है. अब देखना यह है कि यह प्रयास जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी सिद्ध होता है और क्या यह अभियान उन गांवों तक सचमुच पहुंच पाएगा जहां योजनाओं की सबसे अधिक जरूरत है.
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