सरायकेला: सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सरायकेला खरसावां उपायुक्त से मांग की है कि नगर पंचायत के टाउन हॉल, मैरिज हॉल और विभिन्न वार्डों के सामुदायिक भवनों का उपयोग सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। लेकिन वर्तमान किराया आम जनता की आर्थिक क्षमता से कहीं अधिक है। इसके कारण कई छोटे-मोटे कार्यक्रम रद्द हो रहे हैं और सामाजिक समरसता पर असर पड़ रहा है।
समस्या का विवरण
1. अधिक किराया:
टाउन हॉल: ₹50,000/दिन
मैरिज हॉल: ₹13,000/दिन
इस भारी किराये के कारण गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए भवन का उपयोग असंभव हो गया है।
2. आबादी की आर्थिक स्थिति:
सरायकेला नगर पंचायत की लगभग 30% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है। इनमें से अधिकांश दैनिक वेतनभोगी और आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
3. सामुदायिक उपयोग में गिरावट:
उच्च किराया होने के कारण मांगलिक, श्राद्ध और छोटे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। इससे सामाजिक समरसता और राजस्व दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
समाधान और प्रस्ताव
पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सुझाव दिया कि भवनों के किराये में 50% की कटौती की जाए। इस कदम से लगभग 2,500 गरीब परिवारों को सीधे आर्थिक राहत मिलेगी। मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि उचित किराया न केवल गरीबों को लाभ देगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को पुनर्जीवित कर नगर पंचायत के समग्र विकास में योगदान करेगा।