
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में आजीविका संवर्धन योजनाओं की समीक्षा बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि “जमीनी स्तर पर काम दिखना चाहिए, फर्जी रिपोर्टिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
शहद उत्पादन और वाद्य यंत्र निर्माण
बोड़ाम प्रखंड में शहद उत्पादन के लिए अगले एक वर्ष में एक करोड़ रुपये टर्नओवर का लक्ष्य तय किया गया।
22 अगस्त से चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें उत्पादन और गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया जाएगा।
अंधारझोर गांव में वाद्य यंत्र निर्माण की गुणवत्ता सुधार हेतु कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
तेल पेराई, बांस और काजू प्रोसेसिंग
डुमरिया (लखाईडीह) में तेल पेराई मशीन सामुदायिक मॉडल पर संचालित करने की योजना।
बहरागोड़ा के बंबू क्लस्टर के लिए 10 दिनों में विस्तृत प्रस्ताव देने का आदेश।
बहरागोड़ा में काजू प्रोसेसिंग को स्थानीय किसानों और महिलाओं से जोड़कर बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने की योजना।
पोल्ट्री और मशरूम उत्पादन
पटमदा और पोटका में पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं की मासिक आय में 20% वृद्धि का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक।
जमशेदपुर सदर में मशरूम उत्पादन से जुड़े 215 लोग एफपीओ में पंजीकृत, जिन्हें मार्केट लिंकज और ब्रांडिंग से जोड़ने का निर्देश।
कला और हस्तशिल्प
मुसाबनी के सिल्क प्रोजेक्ट, घाटशिला के वुड कार्विंग, डोकरा आर्ट और पैटकर पेंटिंग पर भी विस्तृत चर्चा।
उपायुक्त ने कहा कि “स्थानीय संसाधन, स्थानीय हुनर और स्थानीय लोगों की भागीदारी ही आजीविका संवर्धन की असली ताकत है।”
घाटशिला के ग्रामीण कलाकारों को संगठित करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच दिलाने पर जोर।
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