जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो पुल पर एक अनोखी और दिल छू लेने वाली घटना सामने आई. माला रानी भगत (24) जो कि कोवाली की रहने वाली हैं, प्रसव पीड़ा से तड़प रही थीं. उन्हें लेकर निकली एंबुलेंस मानगो पुल पर लगे लंबे जाम में फंस गई. उनके साथ पति फूलचंद भगत और सहिया बासंती पात्रो ही थे, जो माला रानी की मदद कर रहे थे.
तेज़ हिम्मत का परिचय देते हुए अस्पताल पहुंचाया जच्चा-बच्चा
सांसद विद्युत वरण महतो द्वारा प्रदत्त एंबुलेंस के चालक सुभाष गिरि ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए जाम के बीच भी वाहन को संभाला और माला रानी और नवजात बच्ची को गंभीर स्थिति में साकची के एमजीएम अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में तत्काल भर्ती कर उनकी हालत स्थिर बताई गई. माला रानी और उनकी बेटी दोनों सुरक्षित हैं, जो राहत की बात है.
माला रानी का परिवार और उनकी आपबीती
माला रानी के पति फूलचंद भगत ने बताया कि उनकी ससुराल झारखंड के डुमरिया प्रखंड के भागाबांधी गांव में है. जनवरी से ही माला रानी मायके में थीं. बुधवार की शाम अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें डुमरिया सीएचसी ले जाया गया. वहां से स्थिति नाजुक देख जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया.
रास्ते में जन्म, जाम में फंसी एंबुलेंस
फूलचंद भगत ने बताया कि जैसे ही वे एनएच 33 बालीगुमा के पास पहुंचे, माला रानी ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद जब वे मानगो डिमना रोड की ओर बढ़े तो पता चला कि पुल पर भी लंबा जाम लगा है. प्रसव पीड़ा और नवजात शिशु की चिंता के बीच वे एक घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे. फूलचंद भगत ने बताया कि उनके छह साल का एक बेटा भी है. वे खेती के साथ-साथ एक ग्राहक सेवा केंद्र में काम करते हैं. उनकी पत्नी के स्वस्थ और बच्ची के जन्म की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है, हालांकि रास्ते की दिक्कतों ने सबको घबराया भी था.
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