
रामगढ़ : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तीन कर्म की परंपरागत रस्म बुधवार को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पूरी की गई। यह आयोजन झारखंड की आदिवासी संस्कृति के अनुसार संपन्न हुआ।
हेमंत सोरेन ने पिता को दी विधिपूर्वक श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने परिजनों के साथ पूरे विधि-विधान से पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए और अपने पिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान दिवंगत दिशोम गुरु का पूरा परिवार पत्नी रूपी सोरेन, बेटी अंजलि सोरेन, सबसे बड़ी बहु सीता सोरेन एवं उनकी दोनों बेटियां, मंझले बेटे CM हेमंत सोरेन व उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन , तथा बसंत सोरेन एवं उनका परिवार सभी मौजूद थे.
जनस्मृतियों में जीवित रहे दिशोम गुरु
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने शिबू सोरेन के संघर्ष, जन अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई और आदिवासी समाज के उत्थान में दिए योगदान को याद किया। पिता के श्राद्धकर्म की वजह से CM हेमंत 14 अगस्त तक नेमरा में ही रहेंगे।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार 6 अगस्त को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव नेमरा में किया गया था।